पूर्व चीफ इंजीनियर के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों की संपत्ति जब्त

भोपाल। राजधानी में गुरुवार सुबह लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के चार ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में शुरू हुई। छापों से नकदी, सोना-चांदी, फिक्स डिपॉजिट और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। जांच अभी जारी है, जिसमें संपत्तियों, शेयरों और इंश्योरेंस पॉलिसी की पड़ताल शामिल है। कार्रवाई सुबह छह बजे शुरू हुई और भारी नकदी के कारण नोट गिनने की मशीनें भी मंगवानी पड़ीं।

### आवास और फ्लैट से बरामद सामान

मणिपुरम कॉलोनी के आवास से 8.79 लाख रुपये नकद, 50 लाख के आभूषण, 56 लाख की फिक्स डिपॉजिट की जानकारी और कीमती कागजात मिले। वहीं, ओपल रेजेंसी के फ्लैट से 26 लाख नकद, 2.649 किलोग्राम सोना (मूल्य 3.05 करोड़) तथा 5.523 किलोग्राम चांदी (5.93 लाख) जब्त की गई।

फार्महाउस से संपत्ति का खजाना

सोहागपुर के ग्राम सैनी स्थित फार्महाउस पर छापे में 17 टन शहद, कृषि भूमि, छह ट्रैक्टर, 32 निर्माणाधीन कॉटेज, सात तैयार कॉटेज, दो मछली पालन केंद्र, दो गौशालाएं और कई महंगे कृषि यंत्र बरामद हुए। मेहरा परिवार के नाम पर चार लग्जरी वाहन भी पाए गए, जिनमें फोर्ड एंडेवर, स्कोडा स्लाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज शामिल हैं।

भ्रष्टाचार का आरोप और संपत्ति संचय

जीपी मेहरा ने इंजीनियर-इन-चीफ के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार कर वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा की। अधिकतर संपत्तियां उनके और परिवार के नाम पर हैं। भोपाल, ग्राम सैनी, सोहागपुर तहसील तथा नर्मदापुरम में करोड़ों की अचल संपत्तियां खरीदी और बनवाई गईं। लोकायुक्त ने छापों से प्राप्त दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है।

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