Latest Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी 1 अप्रैल 2025 से राज्य में 67 नई शराब दुकानें खोलने का फैसला किया है। इस कदम के तहत राज्य में शराब दुकानों की कुल संख्या 674 से बढ़कर 741 हो जाएगी। नई आबकारी नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों और 30 किमी के दायरे में दुकान नहीं होने की स्थिति में नई दुकानें खोली जाएंगी।
इसके अलावा, प्रीमियम शॉप के संचालन की भी अनुमति दी गई है, जो बड़े मॉल या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में अलग से संचालित होंगी। राज्य सरकार का मानना है कि शराब दुकानों की संख्या बढ़ने से राज्य के राजस्व में करीब एक हजार करोड़ की वृद्धि हो सकती है, और आगामी वित्तीय वर्ष में आबकारी से साढ़े 12 हजार करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति का अनुमान है।
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Latest Chhattisgarh News: नई आबकारी नीति में यह भी उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के तहत वर्ष 2025-26 में देशी और विदेशी शराब दुकानों का संचालन जारी रहेगा। इसके अलावा, नीति के तहत प्रति बोतल 5 से लेकर 60 रुपये तक अधोसंरचना विकास शुल्क भी वसूला जाएगा। दुकानों के स्थानांतरण के लिए कलेक्टरों को 1 अप्रैल 2025 से पहले आयुक्त आबकारी को प्रस्ताव भेजना होगा।
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य के कई जिलों में शराब दुकानों के बीच 30 किमी का गैप है, जिससे अवैध शराब कारोबार पनपता है। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब दुकानों की कमी के कारण अन्य राज्यों की शराब छत्तीसगढ़ में प्रवेश करती है, जिसे ध्यान में रखते हुए दुकानें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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Latest Chhattisgarh News: नई नीति में यह भी तय किया गया है कि साल में चार दिन शराब दुकानें बंद रहेंगी। ये दिन होंगे: 26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और 18 दिसंबर (बाबा गुरु घासीदास जयंती)। इसके अलावा, मद्य निषेध नीति के तहत भी कुछ विशेष दिन शराब दुकानें बंद रहेंगी। शराब दुकानें सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुलेंगी, और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नवीनतम आबकारी नीति के तहत कांच की बोतल में शराब की बिक्री होगी, जिस पर होलोग्राम और ईएएल चिपकाना अनिवार्य किया जाएगा। एक व्यक्ति को अधिकतम 6 बोतल, 12 अद्धी और 24 पौव्वा शराब एक दिन में बेची जा सकेगी। यह नीति राज्य में शराब कारोबार को और संगठित करने के साथ-साथ राजस्व में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।