युक्तियुक्तकरण विवाद: निलंबित बीईओ का खुलासा, ‘गड़बड़ी सबने की, कार्रवाई सिर्फ मेरे खिलाफ’

युक्तियुक्तकरण विवाद: निलंबित बीईओ का खुलासा

गोरे लाल सोनी. डौंडी। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित पूर्व बीईओ जयप्रकाश भारद्वाज ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश बीईओ ने भी उसी तरह की गड़बड़ी की थी, लेकिन कार्रवाई सिर्फ उनके खिलाफ की गई। भारद्वाज ने कहा कि जिला स्तरीय समिति ने बाकी सभी बीईओ को अभयदान दे दिया और उन्हें ही बलि का बकरा बना दिया गया।

पूर्व बीईओ ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में युक्तियुक्तकरण के दौरान भारी गड़बड़ियां हुईं। इस संबंध में सभी बीईओ को जिला मुख्यालय बुलाकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कई बीईओ ने अपनी गलती स्वीकार भी की, जिसके बाद समिति ने उन मामलों का निराकरण कर दिया। लेकिन कार्रवाई केवल उनके ऊपर हुई।

उन्होंने कहा कि डौंडीलोहारा के बीईओ के खिलाफ उच्च स्तर पर शिक्षकों ने शिकायत की थी, बावजूद इसके उन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत, उनके खिलाफ अलग से शिकायत डीपीआई रायपुर, कमिश्नर और जेडी से की गई, जिसके आधार पर सिर्फ उन्हीं के निलंबन का प्रस्ताव भेजा गया और कार्रवाई की गई।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के समय जिला स्तर पर भी गड़बड़ी हुई, जिसमें तत्कालीन एडीपीओ की भूमिका रही। कुछ शिक्षकों के नाम संभाग स्तर की समिति को भेजे ही नहीं गए और उन्हें बाद में स्थानीय स्तर पर ही पदस्थ कर दिया गया। इसी तरह आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में मनमाने ढंग से एनओसी जारी कर दी गई, जिन्हें बाद में कलेक्टर के आदेश पर निरस्त करना पड़ा। इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पूर्व बीईओ ने बताया कि निलंबन के खिलाफ उन्होंने कोर्ट में अपील की है, जो अभी विचाराधीन है। उन्होंने मांग की कि कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की जाए और किसी एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाना न्यायसंगत नहीं है।

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