नशा से आजादी अभियान: बालोद पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालकों को दिलाई शपथ

बालोद. गोरेलाल सोनी।  जिले में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण एवं समाज को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से रविवार को बालोद पुलिस द्वारा विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में यह कार्यक्रम बालाजी रिसॉर्ट में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को आमंत्रित किया गया, जिन्हें नशा मुक्ति अभियान में सहयोग करने की अपील की गई और शपथ दिलाई गई कि वे डॉक्टर की वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना किसी भी नशीली या प्रतिबंधित दवा का विक्रय नहीं करेंगे।

 

थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा ने कहा कि मेडिकल संचालक समाज हित में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए वे युवाओं को नशे की लत से बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

 

एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि –

 

  • बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के किसी भी नशा प्रयुक्त दवा का विक्रय न करें।

 

  • संदेहास्पद व्यक्तियों या युवाओं द्वारा नशीली दवाओं की मांग पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

 

  • सुरक्षा हेतु मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं।

 

  • साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी भी स्टोर संचालकों को दी गई।

 

उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यदि जांच में यह पाया गया कि किसी संचालक द्वारा लगातार नशीली दवाओं की बिक्री की जा रही है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता दौड़ कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। साथ ही 15 अगस्त के मौके पर बैनर व पोस्टर के माध्यम से भी लोगों से नशा मुक्त रहने की अपील की गई।

 

शपथ के मुख्य बिंदु

  • दवाओं का विक्रय ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं करेंगे, जो उनका दुरुपयोग कर नशे के लिए इस्तेमाल करता हो।

 

  • यदि किसी व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से दवा बेची या खरीदी जाने की जानकारी मिलती है, तो तत्काल पुलिस विभाग को सूचित करेंगे।

 

बालोद पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशा से दूर रहें, नशे को ‘ना’ कहें और जिंदगी को ‘हां’ कहें। यह अभियान जिले के सभी थानों में निरंतर रूप से चलाया जा रहा है।

 

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