रायपुर। आखिरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लंबे समय से अटका मंत्रिमंडल विस्तार अब पूरी तरह से पटरी पर आ गया है। बुधवार सुबह 11 बजे राजभवन में आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव और सरगुजा विधायक राजेश अग्रवाल मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। राज्यपाल रामेन डेका इसके लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं।
राजभवन से मंत्रियों, सांसदों और वीआईपी मेहमानों को निमंत्रण भेजा जा चुका है। वहीं, आज सुबह से ही स्टेट गैरेज में नई चमचमाती गाड़ियाँ सजाई जाने लगीं, जो बताती हैं कि मंत्रियों की ताजपोशी अब महज़ औपचारिकता भर रह गई है।
सबसे बड़ा सवाल – किसके पास कौन-सा मंत्रालय?
सूत्रों के मुताबिक—
- खुशवंत साहेब को PHE विभाग मिलने की संभावना है।
- गजेंद्र यादव को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कहा जा रहा है कि यादव पहले भी इन विभागों से जुड़कर काम करने का अनुभव रखते हैं।
- राजेश अग्रवाल को आबकारी विभाग दिए जाने की चर्चा है।
हालांकि, सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि राजेश अग्रवाल और बसना विधायक संपत अग्रवाल के बीच अंतिम क्षण तक खींचतान जारी रही। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े से इस्तीफा मांगने की अफवाह भी गर्म है। मगर अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल साय कैबिनेट का यह विस्तार सिर्फ विभागों की बंटवारे की कहानी नहीं, बल्कि बीजेपी के भीतर संतुलन साधने का बड़ा दांव भी है। अब निगाहें बुधवार सुबह की शपथ पर टिक गई हैं, जहां यह तय होगा कि इन नए चेहरों से सरकार को नई ऊर्जा मिलती है या अंदरखाने खिंचतान और बढ़ेगी।




