हाईवे पर टोल टैक्स चुकाने का सबसे आसान और तेज़ तरीका बन चुका है FASTag। हाल ही में सरकार ने इसका एनुअल पास भी लॉन्च किया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधियों की नज़र भी इस पर पड़ गई है। फर्जी कॉल, SMS और लिंक भेजकर ठग लोग खातों से पैसे साफ कर रहे हैं।
कई मामलों में ठगों ने FASTag बंद होने, KYC अपडेट करने या रिचार्ज ऑफर के नाम पर यूज़र्स को निशाना बनाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आप भी FASTag इस्तेमाल करते हैं, तो इन सावधानियों को अपनाना बेहद ज़रूरी है—
1. फर्जी SMS और लिंक पर क्लिक न करें
अगर आपको मैसेज मिले कि FASTag बंद हो रहा है या लिंक पर क्लिक करें, तो तुरंत समझें कि यह धोखाधड़ी है। बैंक या NHAI ऐसे मैसेज कभी नहीं भेजते।
2. केवल ऑफिशियल वेबसाइट और ऐप पर भरोसा करें
FASTag से जुड़ा काम हमेशा सिर्फ बैंक या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से ही करें। थर्ड पार्टी या अज्ञात ऐप्स से बचें।
3. OTP, PIN या पासवर्ड साझा न करें
याद रखें, बैंक या कंपनी कभी भी OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगती। इन्हें साझा करना सीधे आपके पैसे खतरे में डाल सकता है।
4. QR कोड स्कैन करते समय सतर्क रहें
ठग WhatsApp या SMS के जरिए QR कोड भेजकर पैसे ठग रहे हैं। वे रिचार्ज का बहाना बनाकर QR कोड स्कैन करने को कहते हैं, जबकि पैसा सीधे उनके खाते में चला जाता है।
5. बैलेंस और ट्रांजेक्शन पर नज़र रखें
अपने FASTag वॉलेट का बैलेंस और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री नियमित रूप से चेक करते रहें। किसी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक या कस्टमर केयर से संपर्क करें।




