भंवर गणेश मंदिर में 6वीं बार चोरी: 10वीं शताब्दी की बेशकीमती गरुड़ मूर्ति ले उड़ें चोर

भंवर गणेश मंदिर में 6वीं बार चोरी: 10वीं शताब्दी की बेशकीमती गरुड़ मूर्ति ले उड़ें चोर

बिलासपुर। जिले के भंवर गणेश मंदिर में स्थापित प्राचीन गरुड़ भगवान की मूर्ति चोरी हो गई है। काले ग्रेनाइट की बनी यह बेशकीमती मूर्ति 10वीं शताब्दी की है और यह छठी बार चोरी होने का मामला है। घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के इटवा पाली गांव की है।

मंगलवार सुबह मंदिर के गर्भगृह में स्थापित मूर्ति का आधा हिस्सा गायब पाया गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सरपंच और कोटवार को दी, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।

इससे पहले करीब एक साल पहले भी चोरों ने गरुड़ की तीन फीट ऊंची मूर्ति को खंडित कर आधा हिस्सा चोरी कर लिया था। उस समय भी पुलिस न तो मूर्ति का पता लगा पाई थी और न ही अपराधियों को पकड़ा जा सका था। अब आधा हिस्से को भी चोरों ने उखाड़कर ले गए हैं।

स्थानीय लोग कहते हैं कि जिले में प्राचीन मूर्तियों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। मल्हार और आसपास कई प्राचीन मंदिरों में इसी तरह की मूर्तियां हैं, जिनमें भंवर गणेश मंदिर की ग्रेनाइट की मूर्ति भी शामिल है। SSP रजनेश सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की पुलिस जांच हो सके।

भंवर गणेश मंदिर की मूर्ति पहली बार 2004 में चोरी हुई थी, जिसे पुलिस ने बरामद किया था। इसके बाद अप्रैल 2006 और 2007 में भी चोरी की घटनाएं हुईं। 26 अगस्त 2022 को चोरों ने सेवादार को बंधक बनाकर मूर्ति लूट ली थी, लेकिन पुलिस ने तब अपराधियों को पकड़ लिया था।

तीन फीट ऊंची और 65 किलो वजनी यह ऐतिहासिक मूर्ति मल्हार स्थित डिड़िनेश्वरी देवी की समकालीन मानी जाती है। 7वीं से 10वीं शताब्दी के बीच विकसित मल्हार की मूर्तिकला में भंवर गणेश की मूर्ति को विशेष महत्व प्राप्त है।

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