रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नारायणपुर में एंटी-नक्सल ऑपरेशन में मारे गए केंद्रीय समिति के सदस्य रामचंद्र रेड्डी की मौत के मामले में SIT जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे एंटी-नक्सल अभियान को SIT जांच के दायरे में नहीं लाया जा सकता क्योंकि इससे पुलिसिंग के फेडरल ढांचे पर असर पड़ेगा।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIT केवल तब ही जांच कर सकती है जब मानवाधिकार उल्लंघन या सत्ता के दुरुपयोग जैसी गंभीर परिस्थितियां हों। याचिका में रेड्डी के बेटे राजा चंद्रा ने आरोप लगाया था कि उनके पिता की हत्या फर्जी मुठभेड़ में की गई और सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ की झूठी कहानी गढ़ी।
सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में रामचंद्र रेड्डी और कादरी सत्यनारायण रेड्डी मारे गए थे। उनके पास से AK-47, INSAS




