अबूझमाड़ से बस्तर तक नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका, 210 माओवादी सरेंडर

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता मिली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन पर कुल 9 करोड़ 18 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में शीर्ष माओवादी नेता रूपेश उर्फ सतीश भी शामिल है, जिस पर 4 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।

जानकारी के अनुसार, सभी आत्मसमर्पित माओवादी उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने वालों में उत्तर बस्तर डिवीजन प्रभारी भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, डिवीजन सचिव राजू सलाम, माड़ डिवीजन सचिव रनिता, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य धन्नू वेत्ती उर्फ संतू और RCM रतन एलम जैसे कुख्यात नाम शामिल हैं। इन पर 25-25 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने 19 एके-47, 23 इंसास राइफल सहित कुल 153 हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे।

रूपेश का नक्सली सफर और आतंकी घटनाओं से जुड़ाव

4 करोड़ रुपए के इनामी रूपेश उर्फ ताक्कलपल्ली वासुदेव राव को माओवादियों का “बम निर्माता” माना जाता है। तेलंगाना के मुगुलु निवासी 59 वर्षीय रूपेश ने 2 दिसंबर 2000 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर हुए हमले की साजिश रची थी। इसके अलावा, वह 1999 में आंध्र प्रदेश के गृह मंत्री ए. माधव रेड्डी और युवा आईपीएस अधिकारी उमेश चंद्रा की हत्या में भी शामिल रहा था। रूपेश लंबे समय से अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय था।

मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के फैसले के लिए सराहा और उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की घोषणा की। पुलिस ने इसे राज्य में नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता बताया है।

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