बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में मंगलवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अज्ञात नकाबपोश हमलावरों ने मस्तूरी जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह के कार्यालय के बाहर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। तीन नकाबपोश शूटरों ने करीब 14 राउंड गोलियां चलाईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस वारदात में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के समय कार्यालय में मौजूद मुड़पार के पूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह (55) और राजकुमार सिंह उर्फ राजू सिंह (45) को गोली लगी। चंद्रकांत सिंह के हाथ में गोली पार हो गई, जबकि राजू सिंह के पैर में दो गोलियां फंस गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया और राजू सिंह के पैर में फंसी गोलियां निकाल दीं।
वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी गई। एसएसपी रजनेश सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की कमान संभाली। उन्होंने बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए फॉरेंसिक टीम, साइबर यूनिट और स्थानीय पुलिस को सक्रिय किया गया है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच में पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस फायरिंग के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, पुरानी रंजिश या व्यक्तिगत दुश्मनी तो कारण नहीं है।
फायरिंग की इस घटना से पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




