रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रांतिसेना के अध्यक्ष अमित बघेल पर महापुरुषों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी भारी पड़ गई है। रायपुर की सिटी कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बघेल पर आरोप है कि उन्होंने महाराजा अग्रसेन, दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में विरोध की लहर फैल गई।
मामला तब बढ़ा जब हाल ही में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित बघेल ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की। इस बयान में न केवल महापुरुषों का अपमान माना गया, बल्कि सिंधी समाज को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गईं। इससे समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया और सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विरोध तेज हो गया।
विवादित बयान के बाद राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सोमवार को बिलासपुर में सिंधी समाज के सैकड़ों सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी समाज के ईष्ट देवता और महापुरुषों का अपमान अस्वीकार्य है और ऐसे बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट एवं वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




