जुलाई से डिजिटल फ्रॉड में तेज बढ़ोतरी, RBI डिप्टी गवर्नर ने जताई चिंता

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई 2025 से डिजिटल फ्रॉड के मामलों में अचानक तेजी आई है। मुंबई में एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि जुलाई से पहले फ्रॉड की संख्या में कमी दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद लगातार वृद्धि हो रही है। RBI इस बढ़ोतरी के कारणों की गहन जांच कर रहा है।

FY25 में फ्रॉड केस 36,000 से घटकर 23,953 हुए

वित्तीय वर्ष 2025 की RBI रिपोर्ट के अनुसार फ्रॉड की कुल संख्या पिछले वर्ष के 36,000 से घटकर 23,953 रह गई। अधिकांश धोखाधड़ी डिजिटल पेमेंट में कार्ड और इंटरनेट ट्रांजैक्शन के जरिए हुई। संख्या के लिहाज से 60 प्रतिशत मामले निजी बैंक में तथा मूल्य के हिसाब से 71 प्रतिशत से अधिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में दर्ज किए गए।

बैंकों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर अपनाने की सलाह

शंकर ने कहा कि बैंक अपने पुराने मोनोलिथिक IT सिस्टम, ब्रांच नेटवर्क और ऊंची कंप्लायंस लागत के कारण संरचनात्मक रूप से कमजोर हैं। फिनटेक कंपनियों के मुकाबले के लिए बैंकों को कोर इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्नाइज करना होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि अब प्रतिस्पर्धा बैलेंस शीट की मजबूती पर नहीं, बल्कि डेटा क्षमता और तकनीकी लचीलापन पर निर्भर करेगी। CBDC के आने से भी बैंकिंग मॉडल में बड़े बदलाव आएंगे, जिनकी तैयारी बैंकों को अभी से करनी चाहिए।

RBI डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को म्यूल हंटर की तरह इस्तेमाल कर फ्रॉड से आए पैसे को ट्रैक कर रहा है। डिप्टी गवर्नर ने बढ़ोतरी को साइक्लिकल या सीजनल बताया, लेकिन गहन विश्लेषण जारी है।

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