छत्तीसगढ़ में SIR अभियान ने पकड़ी रफ्तार, पांच दिनों के भीतर इतने लाख गणना प्रपत्र का वितरण, जानें इसका लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने तेजी पकड़ ली है। मात्र पांच दिनों में बूथ लेवल अधिकारी 29 लाख 29 हजार मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित कर चुके हैं।

राज्य में कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं के सापेक्ष अब तक 29 लाख 29 हजार 125 मतदाताओं को प्रारूप-08 तथा घोषणा प्रपत्र प्रदान किए गए हैं। यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 14 प्रतिशत है। बीएलओ घर-घर जाकर दस्तावेज संग्रहण के साथ मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बना रहे हैं।

मतदान केंद्रों पर सतत निगरानी

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी फील्ड में उतरकर कार्य की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। इससे प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्य सचिव तक पहुंचे बीएलओ

अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी नवा रायपुर स्थित मुख्य सचिव विकास शील के शासकीय आवास भी पहुंचे। बीएलओ ने मुख्य सचिव को प्रारूप-08 एवं Annexure-4 प्रदान कर आवश्यक जानकारी एकत्र की। मुख्य सचिव ने कहा कि मतदाता सूची का अद्यतन लोकतंत्र की आधारशिला है तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को इसमें सक्रिय सहयोग करना चाहिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का सहयोग

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के देवेन्द्र नगर स्थित अपने निवास पर बीएलओ से प्रपत्र प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान में बीएलओ की सक्रियता मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी तथा अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान गति से चल रहा अभियान राज्यव्यापी स्तर पर उत्साहपूर्ण तरीके से जारी है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य आगामी चुनावों से पूर्व मतदाता सूची को पूर्णतः अद्यतन करना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।

SIR अभियान के लाभ

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान मतदाता सूची को शुद्ध सटीक और अद्यतन बनाने का व्यापक प्रयास है। यह अभियान घर घर जाकर सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करता है जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होती है।

मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित

अभियान से मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों डुप्लीकेट प्रविष्टियों तथा स्थानांतरण के बाद पुराने पते पर दर्ज नामों को हटाया जाता है। इससे फर्जी मतदान की संभावना समाप्त होती है तथा वास्तविक मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हो जाती है। बूथ लेवल अधिकारी द्वारा दस्तावेज सत्यापन से सूची पूर्णतः विश्वसनीय बनती है।

नए मतदाताओं का समावेश

18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवा तथा स्थानांतरण करने वाले नागरिक आसानी से सूची में शामिल हो जाते हैं। पहले से भरे गणना प्रपत्र के कारण प्रक्रिया सरल हो जाती है तथा कोई पात्र व्यक्ति मताधिकार से वंचित नहीं रहता। इससे मतदाता प्रतिशत में वृद्धि होती है तथा युवा भागीदारी बढ़ती है।

पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि

घर घर सत्यापन तथा दावा आपत्ति की प्रक्रिया से राजनीतिक दलों तथा नागरिकों का विश्वास बढ़ता है। पुरानी शिकायतें जैसे सूची में हेरफेर दूर होती हैं तथा चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष दिखाई देती है। इससे लोकतंत्र की आधारशिला मजबूत होती है।

जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का समायोजन

शहरीकरण तथा प्रवासन के कारण बदले पते को अद्यतन किया जाता है। इससे प्रवासी मजदूर तथा शहरी नवागंतुक अपने नए क्षेत्र में मतदान कर पाते हैं। सूची वास्तविक जनसंख्या को प्रतिबिंबित करती है।

चुनावी विवादों में कमी

शुद्ध सूची से नाम कटने या जुड़ने संबंधी मुकदमे कम होते हैं। चुनाव आयोग की कार्यवाही सुगम हो जाती है तथा संसाधनों की बचत होती है। अंतिम सूची प्रकाशन के बाद चुनाव निर्विरोध रूप से संपन्न होते हैं।

नागरिक जागरूकता का प्रसार

अभियान से मतदाताओं को अपने अधिकारों की जानकारी मिलती है। मुख्य सचिव तथा अधिकारियों के सहयोग से यह संदेश जाता है कि मताधिकार पवित्र है तथा सूची अद्यतन लोकतंत्र का आधार है। इससे नागरिक भागीदारी बढ़ती है।

लंबे समय तक स्थायी प्रभाव

पिछली बार 2003 में किए गए पुनरीक्षण से सूची दो दशक तक उपयोगी रही। वर्तमान अभियान से आगामी कई चुनावों के लिए मजबूत आधार तैयार होता है तथा बार बार संशोधन की आवश्यकता कम हो जाती है।

कुल मिलाकर SIR अभियान मतदाता सूची को जीवंत दस्तावेज बनाता है जो लोकतंत्र की सच्ची ताकत को प्रतिबिंबित करता है। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में इसकी सफलता से स्पष्ट है कि यह न केवल चुनावी प्रक्रिया अपितु राष्ट्रीय अखंडता के लिए आवश्यक है।

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