ऐसा क्या है जेल की रोटी में जिसे खाने के लिए दूर-दूर से पहुंचते है लोग, MLA व मंत्री तक की लगवाते है सिफारिश

ऐसा क्या है जेल की रोटी में जिसे खाने के लिए दूर-दूर से पहुंचते है लोग, MLA व मंत्री तक की लगवाते है सिफारिश

जेल का नाम सुनकर लोगों की सांसें ‘थम’ जाती हैं. जेल तो दूर की बात है कि पुलिस स्‍टेशन के नाम पर लोगों की चिंता बढ़ जाती है. वहीं अगर किसी से जेल की रोटी खाने की बात कहो, तो वो उल्‍टा खरी-खोटी सुनाने लगेगा. लेकिन यह जानकर आपको ताज्‍जुब होगा कि तमाम ऐसे लोग हैं जो जेल की रोटी खाने के लिए जेल के बाहर पहुंच जाते हैं और वहां के स्‍टाफ की चिरौरी भी करते हैं. इतना ही नहीं, विधायक से लेकर मंत्री तक से भी सिफारिश भी लगवाते हैं. आखिर क्‍या है इस जेल की रोटी का राज, आइए जानें.

गाजियाबाद के डासना जेल में सप्‍ताह में दो दिन मंगलवार और गुरुवार को परिवार से मिलाई के लिए आने वाले तमाम कैदी अपने साथ रोटी लेकर आते हैं. यह रोटी अपने लिए नहीं लाते हैं और न ही जेल का योग कम करने के लिए परिजनों के हाथ गाय या कुत्‍ते के लिए भिजवाते हैं. बल्कि यह रोटी बाहर लोगों की मांग पर लेकर लाते हैं. खास बात यह है कि इस रोटी को खाने वाले संपन्‍न, पढ़े और नौकरी पेशा लोग भी होते हैं.

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दरअसल परेशान व्‍यक्ति जब अपनी कुंडली ज्‍योतिषी को दिखाता है तो कई बार ज्‍योतिषी बोल देते हैं कि कुंडली में जेल जाने का योग बन रहा है. उपाय पूछने पर बताते हैं कि जेल की रोटी बाहर मंगवा कर खा लो. जेल का योग कम हो जाएगा. हालांकि कई ऐसे लोग भी होते हैं जिन पर मुकदमा चल रहा होता है और जेल जाने से बचना चाह रहे हैं तो ऐसे लोग भी ज्‍योतिषी की सलाह पर इस तरह जेल की रोटी खाकर जेल जाने के योग से बचना की संभावना तलाशते हैं.

जेल में मिलाई के लिए कैदी के परिजनों को पर्ची बनवानी पड़ती है. पर्जी बनने के बाद नंबर आने पर तय समय के लिए कैदी परिजन से मिल सकता है. इस दौरान कुछ कैदी रोटी लेकर मिलाई करने आते हैं. डासना जेल के बाहर तैनात पुलिस कर्मी बताते हैं कि अकसर लोग जेल की रोटी मांगने आ जाते हैं. जब पुलिस कर्मी रोटी नहीं देते हैं तो वो मिलाई के लिए जा रहे कैदी के परिजनों को पकड़ते हैं और उसने रोटी लाकर देने की गुजारिश करते हैं.

यूपी की एक अन्‍य जेल में तैनात एक कर्मी ने बताया कि कई बार विधायक से लेकर मंत्री तक का फोन किसी परिचित के लिए भी आ जाता है. वहीं, ज्‍योतिषाचार्य गोंविद जोशी ने बताया कि यह मान्‍यता है कि जेल की रोटी से जेल जाने के योग से छुटकारा मिल सकता है. इसलिए कुछ लोग जेल की रोटी मंगाकर खाते हैं.

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