रायपुर। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना और नारी शक्ति की प्रतीक रानी अवंतीबाई लोधी की 194वीं जयंती राजधानी रायपुर में धूमधाम से साथ मनाई गई। यह आयोजन 16 अगस्त 2025 को जिला चिकित्सालय परिसर, पंडरी में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और समाजजन उपस्थित हुए।
कार्यक्रम में नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे मुख्य अतिथि रहीं। उनके साथ सभापति सूर्यकांत राठौर, जोन-03 की अध्यक्ष साधना प्रमोद साहू, एमआईसी सदस्य भोला राम साहू, पार्षद कृतिका जैन, पूर्व पार्षद मोहन उपारकर, डॉ. प्रमोद साहू, लक्ष्य फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री पूरन सिंह पटेल, छग लोधी समाज के महामंत्री कृष्ण कुमार सिंगौर, जिला लोधी समाज अध्यक्ष तेजशंकर (पिंटू) जंघेल, महिला समिति अध्यक्ष पूजा जंघेल सहित अनेक वरिष्ठ समाजसेवी, सर्किल अध्यक्ष, महिला-पुरुष समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
वक्ताओं ने रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेड़ी गांव में हुआ था। वे रामगढ़ (मंडला) की महारानी थीं। अंग्रेजों के खिलाफ 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने वीरतापूर्वक युद्ध लड़ा और मातृभूमि के लिए प्राणों का बलिदान दिया। उनकी वीरता और त्याग आज भी नारी शक्ति के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
इस अवसर पर जिला लोधी समाज ने जिला चिकित्सालय रायपुर का नामकरण रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर करने की पुरजोर मांग दोहराई। महापौर, सभापति और पार्षदों ने इस प्रस्ताव को नगर निगम की सामान्य सभा में पारित कर राज्य शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
जयंती अवसर पर मरीजों और उनके परिजनों को फलों का वितरण भी किया गया। विदित हो कि पूरे देश में रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई जा रही है। भारत सरकार उनके नाम पर डाक टिकट जारी कर चुकी है तथा विद्यालयों के पाठ्यक्रमों में भी उनकी वीरता को शामिल किया गया है।




