पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा में जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में भारतीय निर्वाचन आयोग ने कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने बाढ़ और मोकामा के तीन अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस अधीक्षक का भी तबादला किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से रविवार दोपहर 12 बजे तक कार्रवाई की रिपोर्ट (एक्शन टेकेन रिपोर्ट) मांगी है। शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, बाढ़ के सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) सह मोकामा विधानसभा क्षेत्र-178 के रिटर्निंग ऑफिसर चंदन कुमार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनकी जगह आईएएस आशीष कुमार को नियुक्त किया गया है, जो वर्तमान में पटना नगर निगम के अतिरिक्त नगर आयुक्त हैं।
इसके अलावा, बाढ़ के एसडीपीओ-1 राकेश कुमार और एसडीपीओ-2 अभिषेक सिंह का भी तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह 2022 आरआर बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद कुमार सिंह और आयुष श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है। आयोग ने हटाए गए तीनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए हैं।
पटना ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई दो थाना प्रभारियों को निलंबित किए जाने के बाद की गई है। घोसवारी थाना प्रभारी मधुसूदन कुमार और भदौर थाना प्रभारी रवि रंजन को इस मामले में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था।
30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान दो गुटों के बीच गोलीबारी में जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस घटना में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुलारचंद की मृत्यु कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से होने की पुष्टि की गई है।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह ‘जंगल राज’ की वापसी का संकेत है। वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने हिंसा की निंदा करते हुए निर्वाचन आयोग से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।




