नई दिल्ली। भारत सरकार ने अटल पेंशन योजना (एपीवाय) में पंजीकरण प्रक्रिया को और सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। डाक विभाग ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बताया कि 1 अक्टूबर 2025 से पुराने फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नए पंजीकरण के लिए केवल संशोधित फॉर्म ही मान्य होगा। यह कदम पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के दिशा-निर्देशों के तहत उठाया गया है, ताकि योजना के लाभार्थियों को बेहतर और व्यवस्थित सेवाएं मिल सकें।
अटल पेंशन योजना क्या है?
अटल पेंशन योजना सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा पहल है, जो विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए शुरू की गई है। इसमें 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक शामिल हो सकते हैं। योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थी को 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन मिलती है, जो उनके मासिक योगदान पर निर्भर करती है। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
नए नियमों में क्या बदलाव?
- नया फॉर्म अनिवार्य: अब केवल संशोधित फॉर्म से ही पंजीकरण होगा, जिसमें FATCA/CRS (विदेशी कराधान) से संबंधित अनिवार्य घोषणा शामिल है। यह घोषणा यह सुनिश्चित करती है कि योजना केवल भारतीय नागरिकों के लिए है।
- डाकघर के माध्यम से पंजीकरण: नए एपीवाय खाते केवल डाकघरों के माध्यम से खोले जाएंगे, क्योंकि ये खाते डाक बचत खातों से जुड़े होते हैं।
- पुराने फॉर्म अमान्य: 30 सितंबर 2025 के बाद पुराने फॉर्म से कोई नया पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पंजीकरण के लिए पात्रता
- आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक के पास बैंक या डाकघर में बचत खाता होना अनिवार्य है।
- आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
- पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर देना जरूरी है, ताकि योजना से जुड़े अपडेट प्राप्त हो सकें।
डाकघरों और बैंकों को निर्देश
डाक विभाग ने सभी डाकघरों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल नए संशोधित फॉर्म का उपयोग करें और जनता को इसके बारे में जागरूक करें। सभी डाकघरों में इस बदलाव की जानकारी नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी, ताकि लोग नए नियमों से परिचित हो सकें।




