आरएसएस बदनाम करने के मामले में आजम खान बरी, अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से झटका

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को बड़ी राहत मिली है। लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आरएसएस को बदनाम करने के 2019 के मामले में उन्हें शुक्रवार को बरी कर दिया। आरोप था कि मंत्री रहते उन्होंने अपने लेटरहेड पर आरएसएस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिस पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

कोर्ट से बाहर निकलते हुए आजम खान ने कहा, हम खून की किस्तें तो कई दे चुके, लेकिन ऐ खाके वतन कर्ज अदा क्यों नहीं होता।

अब्दुल्ला आजम की याचिका खारिज

इसी बीच आजम खान के पुत्र अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने के रामपुर मामले को रद्द करने की मांग की गई थी।

पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 23 जुलाई के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि निचली अदालत को सभी मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से फैसला करने दें। अदालत पर भरोसा रखें।

हाईकोर्ट ने पहले अब्दुल्ला की अर्जी खारिज करते हुए निचली अदालत को मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था। एफआईआर में आरोप है कि हाईस्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है, जबकि पासपोर्ट में 30 सितंबर 1990 दर्ज है।

प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और दलीलें सुनने की तारीख तय हो गई है।

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