नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि 24 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 6.925 अरब डॉलर (लगभग 61 हजार करोड़ रुपए) की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व घटकर 695.355 अरब डॉलर रह गया है। यह पिछले तीन महीनों में विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
पिछले सप्ताह भंडार में 4.496 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद यह 702.28 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपए को 88 के स्तर से नीचे बनाए रखने के लिए आरबीआई ने बाजार में हस्तक्षेप किया, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ा।
आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का मुख्य हिस्सा यानी फॉरेन करेंसी एसेट्स 3.862 अरब डॉलर घटकर 566.548 अरब डॉलर रह गए हैं। डॉलर में दर्ज इन एसेट्स में यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का भी प्रभाव शामिल होता है।
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। इस अवधि में स्वर्ण भंडार का मूल्य 3.01 अरब डॉलर घटकर 105.536 अरब डॉलर रह गया। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 58 मिलियन डॉलर घटकर 18.664 अरब डॉलर पर आ गया है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की रिजर्व पोजीशन मामूली रूप से 6 लाख डॉलर बढ़कर 4.608 अरब डॉलर हो गई।
दूसरी ओर, पड़ोसी देश पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार मामूली रूप से बढ़ा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, 24 अक्टूबर तक पाकिस्तान का फॉरेन रिजर्व 16 मिलियन डॉलर बढ़कर 14.47 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और आयात भुगतान की बढ़ती मांग के कारण आने वाले हफ्तों में भी भारतीय रिजर्व पर दबाव बना रह सकता है।




