कांकेर। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर शिवसेना ने बड़ा आंदोलन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शिवसेना जिला कांकेर द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अविलंब पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की गई।
शिवसेना जिला प्रभारी महेश (वासु) दुबे ने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी एक बड़ा सियासी मुद्दा रहा है। सत्ता से बाहर रहते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने शराबबंदी की मांग की, लेकिन सरकार में आते ही इसे भुला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, जिसने विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस सरकार पर शराबबंदी को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था, आज स्वयं शराब बेचने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को लुभावने वादे कर धोखा दिया गया। विधानसभा चुनाव 2023 में शराबबंदी सबसे अहम मुद्दा था और महिलाओं ने इसी वादे पर भाजपा को समर्थन दिया। लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा लगातार नई शराब दुकानें खोल रही है और आहाता बनाकर खपत को बढ़ावा दे रही है।
शिवसेना ब्लॉक अध्यक्ष सुखचंद मंडावी ने आरोप लगाया कि कांकेर जिले के सभी ब्लॉक और तहसीलों में भाजपा सरकार के संरक्षण में अवैध शराब कारोबार तेजी से फैल रहा है। गांव-गांव तक शराब पहुंचाई जा रही है और युवाओं व बच्चों का भविष्य खतरे में है।
प्रदेश की महिलाओं ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा ने शराबबंदी का वादा कर वोट तो लिया, मगर अब इसके उलट हर घर तक शराब पहुंचाई जा रही है।
शिवसेना ने मांग की है कि अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक गांव और क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए। खुलेआम नशा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर अवैध शराब कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो शिवसेना उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में शुभम यादव, संत पटेल, चंद्रहास मिश्रा, अशोक गावड़े, सूर्यकांत नरेटी सहित कई शिवसैनिक मौजूद थे।




