CA ने दी चेतावनी: अब सुरक्षित नहीं रहा सेविंग अकाउंट, हर ट्रांजेक्शन पर…

नई दिल्ली। अगर आप अपनी कमाई का पैसा सेविंग अकाउंट में सुरक्षित मानकर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। चार्टर्ड अकाउंटेंट रुचिता वघानी ने चेतावनी दी है कि अब बैंक खाते में होने वाले हर बड़े ट्रांजेक्शन पर आयकर विभाग की सख्त नजर रहती है।

सीए वघानी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि अगर किसी व्यक्ति ने एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख से ज्यादा कैश डिपॉजिट किया है, तो उसकी जानकारी वित्तीय लेनदेन विवरण (SFT) के जरिए आयकर विभाग तक पहुंच जाती है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति एक साल में ₹1 करोड़ से अधिक नकद निकासी करता है, तो बैंक को उसका पैन और आधार नंबर वेरिफाई करना होता है। बिना इन दस्तावेजों के बैंक अधिकतम ₹20 लाख तक ही निकासी की अनुमति देते हैं। लगातार बड़े कैश ट्रांजेक्शन होने पर वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

सीए वघानी ने टैक्सपेयर्स को सतर्क करते हुए कहा कि बार-बार बड़ी कैश विड्रॉल, ब्याज की गड़बड़ी या अघोषित खातों पर विभाग जांच कर सकता है। उन्होंने सलाह दी कि करदाताओं को अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दर्ज सभी ट्रांजेक्शन की नियमित रूप से जांच करनी चाहिए और आयकर रिटर्न दाखिल करते समय पूरी और सही जानकारी देनी चाहिए।

वघानी के अनुसार, यदि बैंक खाते में दिखाया गया ब्याज फॉर्म 26AS या AIS में दर्ज ब्याज से मेल नहीं खाता, तो आयकर विभाग नोटिस या डिमांड भेज सकता है। इसलिए उन्होंने कहा कि अब सेविंग अकाउंट में पैसा रखना सुरक्षित जरूर है, लेकिन ट्रांजेक्शन की पारदर्शिता पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।

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