छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जर्जर सड़कों और हादसों पर कसा शिकंजा, अधिकारियों को दिया ये आदेश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जर्जर सड़कों और हादसों पर कसा शिकंजा, अधिकारियों को दिया ये आदेश

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की जर्जर सड़कें और लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब सड़क मरम्मत में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को तुरंत ठोस कार्ययोजना तैयार कर अगली सुनवाई तक रिपोर्ट पेश करनी होगी।

चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने PWD और NHAI के साथ-साथ NTPC और SECL जैसे बड़े संस्थानों को भी जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट ने कहा कि सुधार केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर नजर आना चाहिए।

सड़कों की जर्जर स्थिति और ब्लैक स्पॉट्स
हाईकोर्ट ने रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे और बिलासपुर शहर की मुख्य सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और ब्लैक स्पॉट्स होने की बात उजागर की। पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की 2016 में बनी सड़क महज 9 साल में ही जर्जर हो गई है।

कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में NH-343 (बलरामपुर-रामानुजगंज रोड) सहित रायगढ़, बिलासपुर, मुंगेली और बलौदाबाजार-भाटापारा में ब्लैक स्पॉट्स का विवरण सामने आया। रायगढ़ के कुनकुनी इलाके में कोयला वॉशरी से फैल रही काली धूल भी हादसों का कारण बन रही है।

अधिकारियों को आदेश और कार्ययोजना
हाईकोर्ट ने PWD सचिव और NHAI क्षेत्रीय अधिकारियों को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया। SECL और NTPC को भी निर्देश दिए गए कि सुधार केवल दस्तावेजों में न रहकर जमीन पर दिखे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगली सुनवाई में यदि सुधार नहीं दिखा, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

NHAI, SECL और NTPC की पहल
NHAI ने बताया कि रायपुर से बिलासपुर 105.98 किमी लंबे हाईवे पर दो कंपनियों को मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा सौंपा गया है। अब तक सड़क की सफाई, हेजर्ड मार्कर, रिफ्लेक्टर स्टिकर, रोड स्टड्स और ट्रैफिक संकेतक लगाए जा चुके हैं। 3.54 करोड़ की नई मरम्मत योजना का टेंडर भी स्वीकृत किया गया है।

SECL ने कहा कि अब कोयला और फ्लाई ऐश ढोने वाले ट्रक बिना मजबूत तिरपाल के बाहर नहीं निकलेंगे। NTPC ने जीरो टालरेंस नीति लागू की है, ट्रकों की फोटो-रिकॉर्डिंग की जा रही है और ओवरलोडिंग रोकने के लिए ANPR कैमरे और डिजिटल वजनी पुल लगाए गए हैं।

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि राज्य सरकार, NHAI और अन्य विभाग समयबद्ध तरीके से काम करें। अगर सड़क सुधार में देरी हुई, तो होने वाले हादसों की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

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