छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

Chattisgarh liquor scam
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Chattisgarh liquor scam : छत्तीसगढ़ के चर्चित 2000 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज अदालत में पेश किया। अदालत ने ED की मांग पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब लखमा को 5 फरवरी को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

लखमा ने पेशी के बाद कहा, “मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, और सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।” गौरतलब है कि शराब घोटाले की जांच में ED ने कई खुलासे किए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन और अनियमितताओं की बातें सामने आई हैं। लखमा की गिरफ्तारी से इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

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Chattisgarh liquor scam :  यह मामला 2019 में उजागर हुआ था, जब पता चला कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जा रही थी, जिससे राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, नकली होलोग्राम का उपयोग स्कैनिंग से बचने के लिए किया गया था। यह होलोग्राम बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने नोएडा की PHSE कंपनी को टेंडर दिया था, जो नियमों के अनुसार योग्य नहीं थी। ED ने बताया कि इस कंपनी को टेंडर देने के बदले भारी कमीशन लिया गया। कंपनी के मालिक विधु गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य नाम भी सामने आए, जिसमें कवासी लखमा का नाम प्रमुख है।

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Chattisgarh liquor scam :  28 दिसंबर को ED ने कवासी लखमा के घर पर छापा मारा, और उनके करीबी लोगों के घरों पर भी कार्रवाई की। लखमा ने कहा था कि उन्हें इस घोटाले की जानकारी नहीं थी और वह अधिकारियों के कहने पर दस्तखत करते थे। ED ने अपने छापे के दौरान कई डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। 15 जनवरी को लखमा की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद से ED ने तीन बार उनसे पूछताछ की थी

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