नई दिल्ली। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को इस वर्ष दिवाली 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन हर घर में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। दीपावली पर धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह विशेष पूजन अनिवार्य माना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश को मां लक्ष्मी का दत्तक पुत्र माना जाता है। कहा जाता है कि एक बार मां लक्ष्मी अपने अपार ऐश्वर्य के कारण अभिमानी हो गई थीं। उन्हें लगा कि सभी लोग केवल उनकी कृपा पाने के लिए पूजा करते हैं। इस पर भगवान विष्णु ने उन्हें समझाया कि अपार धन और ऐश्वर्य के बावजूद मातृत्व का सुख उनके पास नहीं है।
मां लक्ष्मी अपने दुख के साथ माता पार्वती के पास गईं। माता पार्वती ने अपने पुत्र गणेश को गोद में लेकर उन्हें मां लक्ष्मी का दत्तक पुत्र बनाने की सलाह दी। गणेश जी को गोद में पाकर मां लक्ष्मी का हृदय प्रसन्न हुआ और उन्होंने वरदान दिया कि उनकी पूजा से पहले गणेश जी की पूजा की जाएगी। यही कारण है कि हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की आराधना से होती है। दिवाली पर भी मां लक्ष्मी की पूजा से पहले गणेश जी की पूजा कर आशीर्वाद लिया जाता है, ताकि घर में समृद्धि, बुद्धि और सौभाग्य का वास हो।
लक्ष्मी-गणेश पूजन मुहूर्त
इस वर्ष लक्ष्मी-गणेश पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 08 मिनट से रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसे प्रदोष काल और स्थिर लग्न का संयोग माना जाता है। इस अवधि में घर में पूजन करने से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। लोगों के पास लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए लगभग 1 घंटा 11 मिनट का समय होगा।




