ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में ड्राइवर संघों का आंदोलन, सात सूत्रीय मांगों को लेकर नवरंगपुर में आंदोलन तेज

शीतल मंडल की खबर

नवरंगपुर। जिले के अंतर्गत रायघर ब्लॉक के गांजापारा छक क्षेत्र में ओडिशा मोटर सेवा संघों एवं ड्राइवर संगठनों की ओर से एक बड़ा आंदोलन शुरू किया गया है। यह आंदोलन 8 जुलाई से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलेगा। आंदोलन का नेतृत्व “स्टेयरिंग छद आंदोलन” के मुखिया द्वारा किया जा रहा है।

 

ड्राइवर संघों की ओर से सरकार के खिलाफ सात प्रमुख मांगें रखी गई हैं और स्पष्ट कहा गया है कि जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। इस आंदोलन में बस, ट्रक, लोडिंग वाहन, ट्रांसपोर्ट गाड़ियाँ, ऑटो चालक सहित सभी ड्राइवर शामिल हुए हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में यातायात बाधित हो गया है।

 

ड्राइवर संघों की प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं:

 

1. ड्राइवरों को जनसाधारण की श्रेणी में शामिल किया जाए।

 

2. ऑटो चालकों को भी आंदोलन में शामिल कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

 

3. सभी ड्राइवरों को नियमित रूप से वृद्धि भत्ता प्रदान किया जाए।

 

4. ड्राइवरों के लिए शौचालय की व्यवस्था की जाए और बस स्टैंडों को व्यवस्थित किया जाए।

 

5. खदानों और कारखानों में ड्राइवरों के लिए काम की स्थायी व्यवस्था की जाए।

 

6. सितंबर माह को ‘ड्राइवर जातीय दिवस’ के रूप में घोषित कर 70% लाभ दिया जाए।

 

7. पुलिस प्रशासन को ड्राइवरों की गाड़ी से संबंधित कागजात दिखाने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

 

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। ओडिशा सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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