ED की कार्रवाई, अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की 7,500 करोड़ की संपत्तियां की जब्त, पाली वाला घर भी शामिल

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़ी करीब 132 एकड़ जमीन को अटैच कर लिया है। यह जमीन नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (डीएकेसी) परिसर में है, जिसकी अनुमानित कीमत 4,462.81 करोड़ रुपये बताई गई है।

सूत्रों के अनुसार, इससे पहले शनिवार सुबह ईडी ने ग्रुप से जुड़ी 40 अन्य संपत्तियों को अटैच किया था, जिनकी कुल कीमत 3,084 करोड़ रुपये है। इनमें अनिल अंबानी का पाली हिल स्थित आवास भी शामिल है। इस तरह अब तक रिलायंस ग्रुप से जुड़ी लगभग 7,500 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई

ईडी की यह कार्रवाई यस बैंक से लिए गए लोन के फंड डायवर्जन मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। एजेंसी का कहना है कि यह पब्लिक मनी को रिकवर करने के लिए आवश्यक कदम है। संपत्ति अटैच करने का आदेश 31 अक्टूबर 2025 को पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत जारी किया गया था।

फंड डायवर्जन का खुलासा

ईडी की जांच में सामने आया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (आरसीएफएल) में 2017 से 2019 के बीच यस बैंक द्वारा किए गए निवेश का दुरुपयोग हुआ। यस बैंक ने आरएचएफएल में 2,965 करोड़ रुपये और आरसीएफएल में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया था। दिसंबर 2019 तक ये राशि नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) में बदल गई।

ईडी का कहना है कि इन फंड्स को रिलायंस ग्रुप की अन्य कंपनियों में डायवर्ट किया गया। जांच में लोन अप्रूवल प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलीं — कई मामलों में लोन आवेदन, स्वीकृति और डिस्बर्समेंट एक ही दिन में किए गए, जबकि फील्ड चेक और दस्तावेजी प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया।

कई शहरों में फैली संपत्तियां

अटैच की गई संपत्तियां दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई, कांचीपुरम और ईस्ट गोदावरी जैसे शहरों में फैली हैं। इनमें आवासीय इकाइयां, कार्यालय परिसर और भूमि के बड़े टुकड़े शामिल हैं।

ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और एजेंसी का फोकस अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान और ट्रेसिंग पर है, ताकि आगे भी अटैचमेंट की कार्रवाई की जा सके।

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