नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रुकी हुई अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं अब फिर से शुरू हो गई हैं। डाक विभाग ने मंगलवार को घोषणा की कि 15 अक्टूबर 2025 से अमेरिका के लिए सभी डाक सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। इससे उन ग्राहकों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से पत्र, पार्सल या व्यवसायिक शिपमेंट अमेरिका भेजने में समस्याओं का सामना कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं 22 अगस्त 2025 को अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं। उस समय अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग (CBP) द्वारा लागू नए नियमों में तकनीकी अस्पष्टता के कारण विमान कंपनियों ने शिपमेंट ले जाने से इनकार कर दिया था।
अब डाक विभाग ने अमेरिकी अधिकारियों के सहयोग से Delivery Duty Paid (DDP) सिस्टम लागू किया है। इसके तहत अमेरिका जाने वाले सभी पार्सल पर सीमा शुल्क भारत में ही बुकिंग के समय वसूल लिया जाएगा और सीधे अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग को भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से डिलीवरी प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी।
डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा, यानी सेवाओं की कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी। इसका लाभ खासकर एमएसएमई उद्यमियों, हस्तशिल्प कारीगरों, ई-कॉमर्स विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों को मिलेगा।
उपलब्ध सेवाएं-
• ईएमएस (स्पीड पोस्ट इंटरनेशनल)
• एयर पार्सल
• रजिस्टर्ड लेटर और पैकेट
• ट्रैक्ड पैकेट सर्विस
इन सेवाओं को अब देशभर के डाकघर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र (IBC), डाकघर निर्यात केंद्र (DNK) और भारतीय डाक के ऑनलाइन पोर्टल से बुक किया जा सकता है।




