जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक यात्री बस अचानक आग की चपेट में आ गई। हादसे में 20 से अधिक यात्रियों की मौत हो चुकी है। पोकरण से भाजपा विधायक ने 20 मौतों की पुष्टि की है। यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे थैयत गांव के पास हुई, जो जैसलमेर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से 50 से ज्यादा यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। थैयत गांव के पास बस के पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। अचानक हुए इस हादसे से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग खिड़कियों और दरवाजों से किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे।
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने आसपास के जल स्रोतों से पानी और रेत की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने में लगभग एक घंटे का समय लगा।
असिस्टेंट फायर ऑफिसर पृथ्वीपाल सिंह राठौर ने बताया कि दमकल दल को सूचना मिलते ही लगभग 10 मिनट में मौके पर पहुंचा दिया गया था, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। उन्होंने कहा कि मौके पर कोई भी यात्री जीवित अवस्था में नहीं मिला।
घटना में घायल यात्रियों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीन एम्बुलेंसों के जरिए जवाहर अस्पताल, जैसलमेर भेजा गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर की इस दुर्घटना में हुई जनहानि से वे अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।




