डौंडी(संचार टुडे)। आदिवासी विकासखण्ड डोंडी में जिला खनिज संस्थान निधि के राशि का प्रशिक्षण के नाम पर बंदरबाट थमने का नाम नही ले रहा है , बालोद जिला खनिज संस्थान निधि (डी एम एफ ) से 30 -सितम्बर 2021 को मधुमक्खी पालन ,शहद उत्पादन /प्रसंस्करण प्रशिक्षण एवं आवश्यक कीट प्रदाय योजना के लिये 25.60 लाख रुपयो की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की थी ,जनपद पंचायत डोंडी द्वारा उक्त कार्य के संपादन हेतु ऋषिकेश एजुकेशन सोसायटी धनोरा दुर्ग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त करते हुए 2–11–2021 को कार्यादेश जारी किया गया था, उक्त कार्य के सम्पादन में लगे एक बिल के अनुसार मधुमक्खी पालन बाक्स छत्ते सहित खरीदे गये 350 पेटी में लगभग 43 पेटी ग्राम पंचायत ठेमाबुज़ुर्ग के गौठान पर खुले में कबाड़ के रूप में पड़ा हुआ है बाकी 307 पेटी कहां है इसकी जानकारी ना तो स्व सहायता समूह के सदस्यों को है और ना ही अन्य स्व सहायता समूह को वितरण होने की जानकारी मिल रही है, कही पेटी खरीदी का बिल लगाकर शासकीय राशि का गबन तो नही हो गया, उसी तरह कार्ययोजना में 40 हितग्राहियों को 30 दिन का प्रशिक्षण दिया जाना था, किंतु क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा पाम्पलेट प्रिंटिंग 1,04,000 नग व बाउचर प्रिंटिंग 10,000 नग का बिल राशि 2,08,950 रुपये का बिल सहित प्रिंटिंग मटेरियल का 45,000 रुपये का व कॉपी,पेन,नोट्स प्रिंट का 21,000 रुपये का बिल लगा है उक्त सामग्री वितरण के सम्बंध में स्व सहायता समूह के सदस्य नही मिलने की बात कह रहे है तो लगभग 2.74 लाख रुपये का पाम्पलेट,बाउचर, प्रिंटिंग मटेरियल, कॉपी, पेन, नोट्स प्रिंट का वितरण की राशि कहा किया गया, सहित उक्त कार्य की उच्चस्तरीय जांच का विषय है।
अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ने बताया कि जनपद पंचायत डोंडी द्वारा 23-9-2021 को कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास बालोद को मधुमक्खी पालन,शहद उत्पादन/प्रसंस्करण, प्रशिक्षण एवं आवश्यक कीट प्रदाय हेतु प्रस्ताव भेजा था ,जिसमे मधुमक्खी आयवर्धन का एक स्थायी श्रोत है ,खनन प्रभावित छेत्र के हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति सदृढ़ एवं उनके विकास के लिये मधुमक्खी पालन एक सुगम्य उपाय है,आयुर्वेद में मधु का उपयोग विभिन्न दवाइयों एवं दैनिक जीवन मे भी मधु का बहुत प्रयोग है ,इसलियें खनन प्रभावित छेत्र के हितग्राहियों को मधुमक्खी पालन कर शहद उत्पादन के कार्य हेतु स्वीकृति प्रदान का निवेदन किया गया था ,साथ ही 25.60 लाख रुपयो का कार्यक्रम क्रियान्वयन का स्वरूप भी भेजा गया था ,उक्त प्रस्ताव पर खनिज संस्थान न्यास निधि से 30–9–2021 को प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान कर दी गयी , सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेजों से कार्य तो हुआ किन्तु कार्ययोजना के अनुसार हितग्राहियों को लाभ मिला ,कितने हितग्राहियों ने शहद उत्पादन कर अपनी आर्थिक स्थिति सदृढ़ कर रहे है, कही उक्त योजना भी सुगडिगहन के बांस हस्तकला प्रशिक्षण, सब्जी, मसाला विकास प्रशिक्षण कार्यो के सम्पादन से हितग्राहियों को तो कोई लाभ नही मिला, आखिर आदिवासी क्षेत्र के हितग्राहियों के लिये डी एम एफ मद की राशि कहा जा रही है ,जिम्मेदारो की मौन स्वीकृति तो नही है, शिकायतों के बाद भी अधिकारी जांच क्यो नही कर रहे है, उन पर किसका दबाव है, आदिवासी अंचल में चर्चा का विषय बना हुआ है जो चुनाव के समय आदिवासी विकासखण्ड की जनता हिसाब तो मांगेगी
सल्हाइटोला के स्व सहायता समूह के रेखा भुआर्य ने बताया कि सल्हाइटोला के गौठान में लगभग छह–सात दिन प्रशिक्षण दिया गया था व मधुमक्खी पालन के लिए गौठान में बड़ पेड़ के नीचे कार्य भी चालू कर दिये थे ,हमारे समूह को 20 पेटी दिया गया था व उसके साथ कुछ सामान भी दिया गया था, लगभग 18 माह पहले तत्कालीन कलेक्टर गौठान के निरीक्षण में सल्हाइटोला पहुंचे तो गौठान में मधुमक्खी पालन को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए मधुमक्खी पालन के पेटी को अन्यत्र जगह ले जाने के निर्देश दिए थे क्योंकि गौठान में अनेक योजनाएं संचालित थी , उसके दूसरे दिन मधुमक्खी पालन के पेटियों को ठेमाबुज़ुर्ग के गौठान में भेज दिया गया जहाँ पूर्व से ही ठेमाबुज़ुर्ग के स्व सहायता समूह के सदस्यों को दिया गया मधुमक्खी पालन की पेटी रखी हुई थी तब से लगभग 43 पेटियां कबाड़ सी खुले में पड़ी है ।
मधुमक्खी पालन योजना से जुड़ी ठेमाबुज़ुर्ग की स्व सहायता समूह के सदस्यों ने बताया कि हमे मधुमक्खी पालन की लगभग 20 पेटी सहित शहद निर्माण की कुछ सामग्री प्रदाय की गयी थी ,नोट बुक,पाम्पलेट सहित प्रचार की कोई सामग्री प्रदाय नही किया गया था ,
अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ने बताया कि उक्त योजना के तहत मधुमक्खी पालन के 350 पेटी खरीदी के लगे बिल के अनुरूप ठेमाबुज़ुर्ग के गौठान में रखे पेटियों की संख्या काफी कम है, जिससे मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन/प्रसंस्करण प्रशिक्षण एवं आवश्यक कीट प्रदाय के योजना में स्वीकृत राशि का बंदरबाट किया जाना प्रतीत हो रहा है ,शासन प्रशासन से जांच कराने की मांग की है