इस गांव में ‘नाककटवा’ से दहशत, अब तक आधा दर्जन लोग बने शिकार, दहशत में लोग

एक गांव में इन दिनों लोगों के बीच दहशत का माहौल है. यह डर किसी जंगली जानवर या चोर गिरोह का नहीं, बल्कि एक व्यक्ति का है, जिसे गांववाले ‘नाककटवा’ कहकर बुला रहे हैं. बताया जा रहा है कि जब भी गांव में किसी विवाद या झगड़े की स्थिति बनती है, यह व्यक्ति सामने वाले पर हमला कर उसकी नाक या उंगली दांतों से काट लेता है. अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग उसकी इस हरकत का शिकार हो चुके हैं. मामला कानपुर का है.

यह मामला किसी अफवाह का नहीं, बल्कि एक व्यक्ति अलवर से जुड़ा है. ग्रामीणों का कहना है कि अलवर से यदि किसी की मामूली कहासुनी भी हो जाए, तो वह सीधे चेहरे पर हमला कर देता है और सामने वाले की नाक काट लेता है.

पीड़ित दिवारी लाल और उनके भाई अवधेश इस मामले की शिकायत लेकर कानपुर के डीएम कार्यालय पहुंचे. दिवारी लाल ने बताया कि अलवर नशे की हालत में झगड़ा करता है और सीधे नाक पर हमला कर देता है. उन्होंने कहा कि उसकी हरकतों से अब तक पांच-छह लोग घायल हो चुके हैं. उनके साथ मौजूद उमेश ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने भी उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था. उस वक्त अलवर ने उनकी नाक और उंगली काट ली थी. जेल जाने के बाद भी उसकी हरकतें नहीं बदलीं.

गांव के लोगों का कहना है कि वे अब अलवर से बात करने से भी कतराते हैं. खेतों में काम करते समय या रास्ते में सामने दिखने पर लोग दिशा बदल लेते हैं. महिलाएं बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजतीं. ग्रामीणों का कहना है कि ‘नाककटवा’ कोई रहस्यमयी साया नहीं, बल्कि एक इंसान है जो हिंसा को आदत बना चुका है.

प्रशासन की प्रतिक्रिया

पीड़ितों ने मामले की शिकायत डीएम से की, जिन्होंने जांच का भरोसा दिया है. वहीं क्षेत्र के एसीपी अमरनाथ यादव ने बताया कि 19 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी. दोनों की मेडिकल जांच कराई गई और 151 की कार्रवाई की गई. मेडिकल रिपोर्ट में नाक काटने की बात स्पष्ट नहीं है, संभव है कि लड़ाई के दौरान चोट लगी हो.

इस बयान के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. क्या वाकई किसी की नाक काटी गई या यह केवल झगड़े में लगी चोट है? आखिर क्यों एक ही व्यक्ति पर लगातार कई लोग एक जैसे आरोप लगा रहे हैं? ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें जंगली जानवरों से नहीं, बल्कि अपने ही गांव के इस व्यक्ति से डर लगता है. सवाल यह भी है कि क्या यह सिर्फ मारपीट का मामला है या वास्तव में गांव में एक ऐसा व्यक्ति घूम रहा है जो गुस्से में आकर नाक काटने से भी नहीं हिचकता.

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