CG NEWS: सीबीएसई और स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चों का भविष्य अधर में, जिम्मेदार कौन?

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गोरेलाल सोनी की खास रिपोर्ट…

CG Balod Latest News: बालोद जिले के डौंडी क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग की लापरवाही और शिक्षकों की नियुक्ति में हो रही देरी के कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। डौंडी के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक की भारी कमी हो गई है, जिससे न केवल शिक्षा का स्तर गिरा है, बल्कि परीक्षा परिणामों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

डौंडी नगर के बुनियादी शाला के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। यहां एक ही शिक्षक है, जो कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5 तक के बच्चों को पढ़ा रहा है। इस कारण बच्चों को उचित शिक्षा नहीं मिल पा रही है और पढ़ाई में गंभीर रुकावटें आ रही हैं। सरकारी शिक्षा व्यवस्था में इस कमी का जिम्मेदार कौन है, यह सवाल उठ रहा है। इस स्कूल में शिक्षक की नियुक्ति के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जबकि बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को इस स्थिति में गंभीर खतरा हो सकता है।

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CG Balod Latest News:  कांग्रेस शासन द्वारा शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद स्कूल में भी स्थिति काफी खराब है। यहां पर भी शिक्षकों की कमी है, जिससे बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा नहीं मिल पा रही है। खासकर, जब से कक्षा 5 की बोर्ड परीक्षा लागू की गई है, स्कूल में शिक्षक की कमी और अधिक गंभीर हो गई है। इस विद्यालय में कुछ शिक्षक अस्थायी रूप से नियुक्त किए गए हैं, लेकिन वे सभी हिंदी माध्यम के शिक्षक हैं। ऐसे में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर रहे बच्चों के लिए सही तरीके से पढ़ाई करना और समझना मुश्किल हो रहा है। यदि इस स्थिति को जल्द सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बच्चों का भविष्य अंधेरे में डूब सकता है।

आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में भी शिक्षक की कमी के कारण पढ़ाई में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। इस स्कूल में इतिहास, राजनीति विज्ञान और संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों को इन विषयों में शिक्षा मिलना कठिन हो गया है। यहां तक कि पांच शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उनकी जगह नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है। आगामी दिनों में और शिक्षक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो सकती है।

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CG Balod Latest News:  जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले का कहना है कि प्रधानपाठक के पद पर शिक्षकों की पदोन्नति के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां कहीं भी शिक्षकों की कमी है, वहां व्यवस्था की जा रही है और पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। लेकिन जमीनी स्तर पर देखा जाए तो यह स्थिति बिल्कुल अलग है और बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है

पालकों ने इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अब यह सवाल उठता है कि जब बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हो, तो इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन की ओर से शीघ्र कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं? बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, सभी खाली पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

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