डौंडी (संचार टुडे)। ऐ डामररोड सड़क ला अईसन मजबूत बनाबे गा ठेकेदार कि अवैय्या जवैय्या हा सुरता राखही कि ऐ सड़क ला कोन बनइस अव काकर केहे ले बनत हावे, ऐमे कोनो प्रकार के शिकायत मत आन देबे। उक्त बातें तमाम जनता व जनप्रतिनिधियों के मध्य क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने डौंडी क्षेत्र के ग्राम लिमहाटोला से आमाडुला पहुँच मार्ग पर 22.40 किलोमीटर में 3766 .72 लाख लागत से बनाये जाने वाली डामरीकृत सड़क निर्माण का भूमिपूजन करते हुए उक्त निर्देश देते हुए ठेकेदार को कहा गया था । लेकिन मंत्री अनिला भेड़िया के इस आदेश को टोकरे में डालकर ठेकेदार द्वारा अपना मनमर्जी चलाते हुए सड़क निर्माण में अनियमितताओं का अंबार लगा दिया गया। सड़क निर्माण में की जा रही गड़बड़ियों को मीडिया द्वारा अखबार में प्रकाशित कर इस ओर शासन- प्रशासन को लगातार ध्यानाकर्षण कराया जा चुका है। फिर भी सड़क निर्माण में भ्र्ष्टाचार रुकने का नाम नही ले रहा।

अब आलम ये है कि यह सड़क बनते बनते ही जगह- जगह से उखड़ रहा है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण इस मार्ग में गुजर कर देखा जा सकता है। लिम्हाटोला से आमाडुला पहुँच मार्ग मध्य ग्राम ख़ुर्शीटिकुल आगे निर्माणाधीन सड़क पर एक तरफ दो परत व एक साईड एक परत डामरीकरण सड़क निर्माण हो गया है जहां पर सड़क के बीचोबीच डामर सहित गिट्टी उखड़कर सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हो गए है।

जिसे देखकर ही पता चल रहा है कि सड़क निर्माण समय में कॉम्पक्शन कार्य बेहद घटिया स्तर से किया गया है, जिसके चलते ही सड़क उखड़ रहा है। यही हाल सड़क के और आगे जगह-जगह पर देखा जा सकता है। वही पूरे सड़क निर्माण मार्ग में कही-कही गाड़ियों की चक्का चलने से डामरीकृत सड़क दब गया है तो कही उखड़ हुए है। जो कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दिया है। और सड़क निर्माण के संबंधित अधिकारी और इंजीनयर पहले से कहते आ रहे है कि सड़क निर्माण ठीकठाक चल रहा है कहीं कोई गड़बड़ी नही हो रहा है। इससे जाहिर होता है कि अधिकारियों व जिम्मेवारो के संरक्षण में ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण बदस्तूर जारी रखा गया। इस संबंध में सड़क निर्माण में लगे टाईम किपिर युवक ने कहा कि ख़ुर्शीटिकुल साईड का डब्ल्यूएम सड़क निर्माण हो गया है तथा दो परत का डामरीकरण कार्य हो चुका है, इसे निरीक्षण कर लिया जाना बताकर सही ठहराया गया। इधर सड़क निर्माण के जिम्मेदार कह रहे है कि यह सड़क उखड़ गया है तो इसे फिर से बनवाया जाएगा। लेकिन जब इस स्थल का सड़क निर्माण इंजीनियर के देखरेख में किया गया तब यह निर्माण सही कैसे रहा। और अब इसी स्थल का सड़क घटिया निर्माण के चलते उखड़ गया है तो कहा जा रहा इसे फिर से बनवाया जाएगा। जबकि सड़क उखड़ गया है तो ठेकेदार को पुनः सड़क तो बनाना ही पड़ेगा। असल मुद्दा तो यही बन रहा कि निर्माणाधीन सड़क निर्माण आखिर किस वजह से उखड़ा। क्या इस ओर लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने पहले कोई सुध नही लिया या फिर उस वक्त कोई निरीक्षण ही नही किया या किये गए निर्माण कार्य को ऐसे ही चलने दे दिया गया और जिम्मेदारों की इसमें कोई भूमिका ही नही रही। अथवा ठेकेदार द्वारा ही ऐसा घटिया निर्माण अपने तरीके से कर लिया गया। जिस पर अब पर्दा डालते हुए इसे फिर से बनवाने जाने की बात कही जा रही है। इस ओर लोकनिर्माण विभाग बालोद अधिकारी *ई* से उखड़े सड़क पर उनका वर्जन चाहा गया तो उन्होंने कहा कि देखकर ही बता पाऊंगा। इस स्तिथि में ई साहब को वाट्सअप के माध्यम से उखड़े सड़क की तस्वीर भेजी गई।

जिसको देखते हुए उन्होंने एक लाईन में जवाब दिया कि उक्त स्थल का डब्ल्यूएम सड़क रिजेक्टेड कर दिया गया है तथा ठेकेदार को सड़क उखाड़कर फिर से बनाने कहा गया है। अधिकारी का यह जवाब सड़क में सुधार के लिए रहा, सड़क निर्माण में किये गए भ्र्ष्टाचार पर नही।